hindi poetry

  1. V

    Patriotic Poems Hindi ( देशभक्ति कविताएँ )

    घोर अंधकार हो, चल रही बयार हो, आज द्वार-द्वार पर यह दिया बुझे नहीं यह निशीथ का दिया ला रहा विहान है। शक्ति का दिया हुआ, शक्ति को दिया हुआ, भक्ति से दिया हुआ, यह स्वतंत्रता-दिया, रुक रही न नाव हो ज़ोर का बहाव हो, आज गंग-धार पर यह दिया बुझे नहीं, यह स्वदेश का दिया प्राण के समान है।...
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