Friends, posting a hindi poem I wrote 2 years back....sorry my computer is not supporting hindi fonts. You can also post your patriotic poems here.
Inquilab Zindabad -
8 April,1929
Batukeshvar Dutt -
Ak baar phir soch lo Bhagat,
Humare iss Garam Rukh par poora desh kya kahega...
जहाँ डाल्-डाल् पर
सोने की चिड़ियां करती है बसेरा
वो भारत देश है मेरा
जहाँ सत्य अहिंसा और धर्म का
पग्-पग् लगता डेरा
वो भारत देश है मेरा
ये धरती वो जहां ऋषि मुनि
जपते प्रभु नाम् की माला
जहां हर् बालक् एक् मोहन् है
और् राधा हर् एक् बाला
जहां सूरज् सबसे पहले आ कर्
डाले अपना फेरा
वो...